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Showing posts from May, 2020

दहेज के प्रति जागरूकता

दहेज हमारी समझ की अनावश्यक परम्परा बन चुकी है जिससे हजारों लाखों घर बरबाद हो रहे है नित्या प्रतिदिन हजारों महिला इसका शिकार  बन रही है जिससे घरेलू हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है दहेज के कानून हमारी न्याय प्रणाली में इसके लिए अलग कानून बनाया गया है जो C.R.P.C. धारा 498A में बताया गया है । तथा जिसको संशोधित भी किया जाता रहा है । और मजबूत व्यवस्था बनाए रखने के लिए। धारा 498A - जब किसी महिला का पति या रिश्तेदार उस महिला के साथ किसी भी प्रकार की क्रूरता करता है तो वह इस धारा के अन्तर्गत दंडनीय है। सजा का प्रावधान C.R.P.C की धारा 498A के अन्तर्गत दोषी को तीन साल की सजा हो सकती है तथा दहेज का मूल्य व शादी में को भी उपहार दिए जो वापस नहीं किए जा सकते उनका मूल्य भी समलित होता है। जाने उपहार व दहेज में अंतर जो लड़की शादी के समय अपने ससुराल वालों या उनके रिश्तेदारों के लिए अपनी मर्ज़ी से उपहार लाती है उसे विधि के अन्तर्गत उपहार माना गया है परन्तु जब महिला से या उसके परिवार वालों से किसी भी समान या पैसो की मांग होती है तो वह दहेज के अन्तर्गत समलित किया गया है  498A के अन्तर्गत क्रूरता क्या है...